
जैसे-जैसे एआई उच्च शिक्षा में अधिक काम संभाल रहा है, सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के दो शिक्षक यह तर्क दे रहे हैं कि बेहतरीन शिक्षण अब जानकारी देने से कम और विवेक, जिज्ञासा तथा चरित्र विकसित करने से ज्यादा जुड़ा है। यह दृष्टिकोण यूनिवर्सिटी टीचिंग अवॉर्ड सेरेमनी और आउटस्टैंडिंग एजुकेटर अवॉर्ड पब्लिक लेक्चर्स 2026 में सामने आया, जहाँ एसोसिएट प्रोफेसर स्टीवन टे और एसोसिएट प्रोफेसर रॉबिन लून को उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य तथ्य
- एसोसिएट प्रोफेसर स्टीवन टे एनयूएस कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड इंजीनियरिंग के डिपार्टमेंट ऑफ़ द बिल्ट एनवायरनमेंट में पढ़ाते हैं।
- उनका Contextualised Learning via Enquiring, Answering, and Reflecting ढांचा, जिसे CLEAR कहा जाता है, छात्रों को प्रश्न बनाने, वास्तविक उदाहरणों से उत्तर देने और साथियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
- CLEAR को अब सिंगापुर और पाँच अन्य देशों में अपनाया जा चुका है।
- एसोसिएट प्रोफेसर रॉबिन लून ने एनयूएस फैकल्टी ऑफ़ आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज़ में GEN2001 थिएटर एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट सह-डिज़ाइन किया।
- प्रोफेसर पीटर हो ने कहा कि जैसे-जैसे एआई ड्राफ्टिंग, संश्लेषण और कंटेंट जनरेशन संभाल रहा है, शिक्षकों को आलोचनात्मक सोच और चरित्र पर जोर देना चाहिए।
एनयूएस और अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
छात्रों के लिए, एनयूएस के शिक्षकों द्वारा बताए गए इस बदलाव का मतलब है कि कक्षा का काम अब केवल अंतिम उत्तरों पर नहीं, बल्कि सोचने की प्रक्रिया पर भी आधारित है। टे के CLEAR तरीके में छात्रों को अपने ट्यूटोरियल प्रश्न खुद बनाने, उन्हें वास्तविक उदाहरणों से उत्तरित करने और फिर उन्हीं प्रश्नों व उत्तरों के साथ अपने साथियों को पढ़ाने के लिए कहा जाता है। इससे छात्र की भूमिका सिर्फ़ उत्तर पाने वाले की नहीं, बल्कि समस्या-समाधानकर्ता और सह-शिक्षक की बनती है।
लून का कोर्स सीखने के मानवीय पक्ष पर इसी तरह का जोर देता है। भूमिका-अभिनय, प्रक्रिया-नाटक और समुदाय-पर्यवेक्षण के जरिये छात्रों को अपनी धारणाओं की जाँच करने और रोज़मर्रा की नैतिक स्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया परखने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसका व्यावहारिक लक्ष्य केवल जानकारी याद रखना नहीं, बल्कि बेहतर विवेक, खुलेपन और आत्म-चिंतन को विकसित करना है—ऐसी स्थितियों में जहाँ एआई जानकारी दे सकता है, लेकिन नैतिक जिम्मेदारी नहीं।
विश्वविद्यालयों और शिक्षकों के लिए ये उदाहरण एक व्यापक चुनौती की ओर इशारा करते हैं: जहाँ एआई मददगार हो, उसका उपयोग करें, लेकिन मूल्यांकन और कक्षा-डिज़ाइन को उन क्षमताओं के इर्द-गिर्द बनाएं जिन्हें एआई नहीं दे सकता। इनमें आलोचनात्मक मूल्यांकन, लचीलापन और चरित्र शामिल हैं, जिन पर व्याख्यानों और उद्घाटन संबोधन में जोर दिया गया।
एआई बेहतरीन शिक्षण की परिभाषा क्यों बदल रहा है?
एआई शिक्षण की चर्चा को इसलिए बदल रहा है क्योंकि जानकारी अब आसानी से उपलब्ध है और सामग्री तेजी से तैयार की जा सकती है। इस स्थिति में, एनयूएस के शिक्षकों ने तर्क दिया कि शिक्षण का स्थायी मूल्य छात्रों को परखना, सवाल करना और विचार करना सिखाने में है। प्रोफेसर पीटर हो ने कहा कि एक एल्गोरिद्म ड्राफ्ट कर सकता है, संश्लेषण कर सकता है और जनरेट कर सकता है, लेकिन वह विवेक, लचीलापन या चरित्र नहीं दे सकता।
इस दृष्टिकोण में उन सीखने की गतिविधियों का महत्व बढ़ जाता है जिनमें छात्रों को विचारों की पड़ताल करनी होती है, उन्हें जीते-जागते अनुभव से जोड़ना होता है और स्वतंत्र निष्कर्ष निकालने होते हैं। टे और लून के कोर्स को इसी बदलाव के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
CLEAR ढांचा कक्षा में कैसे काम करता है?
CLEAR का पूरा नाम Contextualised Learning via Enquiring, Answering, and Reflecting है। टे ने इसे ऐसी पद्धति के रूप में बताया जिसमें छात्रों को केवल ट्यूटोरियल प्रश्न थमा नहीं दिए जाते। इसके बजाय, उन्हें खुद प्रश्न बनाने, वास्तविक उदाहरणों का उपयोग करके उत्तर तैयार करने और फिर उन प्रश्नों व उत्तरों के जरिये अपने साथियों को पढ़ाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है।
उन्होंने यह ढांचा तब विकसित किया जब छात्रों ने बताया कि सैद्धांतिक समीकरण समझना कठिन है। एक कक्षा में शहरी टिकाऊपन से जुड़ी चुनौतियों को खेल में बदला गया, ताकि छात्र सिद्धांत को व्यवहार से जोड़ सकें। लेख के अनुसार, CLEAR अब एनयूएस से आगे बढ़कर सिंगापुर और पाँच अन्य देशों के स्कूलों और शिक्षकों तक पहुँच चुका है।
रॉबिन लून छात्रों से क्या सीखने की उम्मीद रखते हैं?
रॉबिन लून की पढ़ाने की शैली इस विचार पर आधारित है कि शिक्षा को सिर्फ़ ज्ञान नहीं, बल्कि दृष्टिकोण भी गढ़ना चाहिए। उनका कहना है कि कौशल भुलाए जा सकते हैं, जबकि सोचने और प्रतिक्रिया देने की आदतें अधिक समय तक टिकती हैं। यही सोच एनयूएस फैकल्टी ऑफ़ आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज़ में सह-डिज़ाइन किए गए GEN2001 थिएटर एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट को आकार देती है।
इस कोर्स में छात्र भूमिका-अभिनय, प्रक्रिया-नाटक और समुदायों के अवलोकन के ज़रिये यह जांचते हैं कि वे कैसे सोचते और व्यवहार करते हैं। एक छात्र की प्रतिक्रिया में बताया गया कि उसने भीड़भाड़ वाली ट्रेन में गर्भवती महिला को देखते समय अपने रुख पर फिर से सोचा। व्याख्यान में प्रस्तुत उद्देश्य यह है कि कक्षा के अनुभव छात्रों के बाहर के व्यवहार को भी बदल सकते हैं।
एनयूएस के पुरस्कार समारोह में किसे सम्मानित किया गया?
यूनिवर्सिटी टीचिंग अवॉर्ड सेरेमनी और आउटस्टैंडिंग एजुकेटर अवॉर्ड पब्लिक लेक्चर्स 2026 में दो संकाय सदस्यों को उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया: एसोसिएट प्रोफेसर स्टीवन टे और एसोसिएट प्रोफेसर रॉबिन लून। टे डिपार्टमेंट ऑफ़ द बिल्ट एनवायरनमेंट में पढ़ाते हैं, जबकि लून डिपार्टमेंट ऑफ़ इंग्लिश, लिंग्विस्टिक्स एंड थिएटर स्टडीज़ में हैं।
इस कार्यक्रम में उप-कुलपति (स्नातक अध्ययन एवं प्रौद्योगिकी-संवर्धित शिक्षण) प्रोफेसर पीटर हो के विचार भी शामिल थे, जिन्होंने एआई युग में मानवीय विवेक पर अधिक जोर देने की बात कही।

