
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय (यूबीसी) में नतालिया मोडज़ेलिक एक ऐसे शोध प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं, जिसका उद्देश्य लागू व्यवहार विश्लेषण, यानी एबीए, को ऑटिस्टिक ग्राहकों के लिए नए तरीके से गढ़ना है। वैंकूवर में मास्टर ऑफ आर्ट्स इन स्पेशल एजुकेशन की यह छात्रा न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए अभ्यास के लिए एक ढांचा विकसित कर रही हैं, जिससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि सेवा प्रदाताओं को कैसे प्रशिक्षित किया जाए और सहायता कैसे दी जाए।
मुख्य तथ्य
- मोडज़ेलिक यूबीसी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में मास्टर ऑफ आर्ट्स इन स्पेशल एजुकेशन कार्यक्रम में नामांकित हैं।
- उनका शोध विषय “न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक लागू व्यवहार विश्लेषण (एबीए) अभ्यास के लिए एक ढांचा” है।
- उनके शोध पर्यवेक्षक डॉ. विक्टोरिया नाइट हैं।
- उन्हें कनाडा ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप्स मास्टर्स (सीजीआरएस एम) प्रोग्राम के लिए चुना गया है।
- उनका प्रोजेक्ट न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए पर सहमति बनाने के लिए प्रैक्टिशनरों और ऑटिस्टिक वयस्कों से परामर्श करेगा।
यह शोध छात्रों और प्रैक्टिशनरों के लिए क्या मायने रखता है?
शिक्षा और विशेष शिक्षा के छात्रों तथा शुरुआती शोधकर्ताओं के लिए यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि यूबीसी में स्नातकोत्तर अध्ययन कैसे व्यवहारिक अनुभव को लागू शोध के साथ जोड़ सकता है। मोडज़ेलिक कहती हैं कि व्यवहार हस्तक्षेपकर्ता के रूप में उनका अनुभव और स्नातक अध्ययन ने उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए तैयार किया, जबकि यूबीसी का आमने-सामने एबीए प्रशिक्षण और थीसिस विकल्प भी कार्यक्रम चुनने की वजहों में शामिल थे।
प्रैक्टिशनरों के लिए व्यावहारिक लक्ष्य स्पष्ट है: इस प्रोजेक्ट से ऐसा ढांचा तैयार करना है जो न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए का मार्गदर्शन कर सके और सेवा प्रदाताओं के लिए मान्यता-प्राप्त प्रशिक्षण के रूप में उपलब्ध हो। यदि ऐसा होता है, तो यह काम अलग-अलग सेटिंग्स में अधिक सुसंगत अभ्यास को समर्थन दे सकता है और पेशेवरों को ऑटिस्टिक ग्राहकों के लिए साक्ष्य-आधारित, सशक्त और सुरक्षित तरीके से एबीए सहायता देने में मदद कर सकता है।
यह शोध एक बड़े प्रश्न से भी जुड़ता है: एबीए को उन आलोचनाओं के जवाब में कैसे सुधारा जाए, जिनमें इसे हानिकारक या सक्षमतावादी बताया जाता है, और फिर भी इसे ऑटिस्टिक लोगों के लिए सहायक कैसे रखा जाए। मोडज़ेलिक का प्रोजेक्ट प्रैक्टिशनरों और ऑटिस्टिक वयस्कों दोनों से इनपुट लेने के लिए बनाया गया है, इसलिए यह ढांचा इस बात को दिखाने के लिए है कि नैतिक अभ्यास किसे कहा जाए, इस पर एक से अधिक दृष्टिकोण शामिल हों।
एबीए परियोजना पर ध्यान क्यों जा रहा है?
इस परियोजना पर ध्यान इसलिए है क्योंकि यह विवादित अभ्यास क्षेत्र पर केंद्रित है और एक व्यावहारिक मध्य मार्ग तय करने की कोशिश करती है। मोडज़ेलिक का शोध दो जुड़े सवाल पूछता है: न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए क्या है, और पारंपरिक एबीए को कैसे सुधारा जाए ताकि वह ऑटिस्टिक ग्राहकों के लिए साक्ष्य-आधारित, सशक्त और सुरक्षित हो।
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि परियोजना केवल सैद्धांतिक नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा व्यावहारिक ढांचा तैयार करना है जिसे सेवा प्रदाता इस्तेमाल कर सकें, ताकि लंबे समय में एबीए सेवाओं में भरोसा और गुणवत्ता बेहतर हो सके।
नतालिया मोडज़ेलिक यूबीसी में क्या पढ़ रही हैं?
वह यूबीसी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में मास्टर ऑफ आर्ट्स इन स्पेशल एजुकेशन की छात्रा हैं, जहाँ उनका काम न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए पर थीसिस प्रोजेक्ट के इर्द-गिर्द केंद्रित है। अपने छात्र प्रोफ़ाइल के अनुसार, उन्होंने यूबीसी को आंशिक रूप से इसलिए चुना क्योंकि वहाँ उनका स्नातक अनुभव सकारात्मक रहा था और वे एक ऐसा स्नातकोत्तर कार्यक्रम चाहती थीं जो उनके पेशेवर लक्ष्यों से मेल खाता हो।
उनकी तैयारी में शोध प्रयोगशालाओं का प्रबंधन और व्यवहार हस्तक्षेपकर्ता के रूप में न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों के साथ सीधे काम करना शामिल है। उनके अनुसार, इन अनुभवों ने उन्हें शोध कौशल और व्यावहारिक अनुभव दोनों दिए, जिन्हें वे अपनी स्नातकोत्तर पढ़ाई में लेकर जा सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोडज़ेलिक के शोध का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का उद्देश्य न्यूरोडायवर्जेंट-समर्थक एबीए को परिभाषित करना और पारंपरिक एबीए में सुधार के लिए एक व्यावहारिक ढांचा बनाना है, ताकि वह ऑटिस्टिक ग्राहकों के लिए साक्ष्य-आधारित, सशक्त और सुरक्षित हो। इसमें प्रैक्टिशनरों और ऑटिस्टिक वयस्कों से इनपुट लेकर उस ढांचे पर सहमति बनाई जाएगी।
नतालिया मोडज़ेलिक के काम का पर्यवेक्षण कौन कर रहे हैं?
उनकी शोध पर्यवेक्षक डॉ. विक्टोरिया नाइट हैं। मोडज़ेलिक यूबीसी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के मास्टर ऑफ आर्ट्स इन स्पेशल एजुकेशन कार्यक्रम के तहत यह प्रोजेक्ट कर रही हैं।

