
कैलटेक के सहायक प्रोफेसर ऑफ़ एस्ट्रोनॉमी करीम अल-बद्री को 2026 के 20 पैकार्ड फेलोज़ में चुना गया है। यह फेलोशिप शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं को पाँच वर्षों के लिए 9,85,834 डॉलर की प्रतिबंध-मुक्त सहायता देती है, जिसे उपकरण, टीम सदस्य, यात्रा या बच्चों की देखभाल जैसे शोध-आवश्यक खर्चों पर लगाया जा सकता है।
मुख्य तथ्य
- अल-बद्री कैलटेक में खगोलशास्त्र के सहायक प्रोफेसर हैं।
- उन्हें 2026 के 20 पैकार्ड फेलोज़ में चुना गया।
- पैकार्ड फेलोशिप पाँच वर्षों में 9,85,834 डॉलर की प्रतिबंध-मुक्त सहायता देती है।
- उनका शोध छिपे हुए ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार पर केंद्रित है।
- वे गैया और नासा के SPHEREx, नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप और UVEX से आने वाले नए डेटा का उपयोग करेंगे।
छात्रों और शुरुआती शोधकर्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?
यह पुरस्कार अल-बद्री को बड़े डेटा वाले खगोल-विज्ञान शोध को आगे बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे कैलटेक और उससे बाहर प्रशिक्षण, सहयोग और शोध के नए अवसर बन सकते हैं। शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं के लिए पैकार्ड मॉडल इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि इसमें अनुदान की कठोर संरचना के बजाय लचीलापन दिया जाता है।
फाउंडेशन के अनुसार, फेलो शोध की जरूरतों के हिसाब से धन का उपयोग कर सकते हैं—जैसे नया उपकरण, टीम में एक और शोधकर्ता, सम्मेलन यात्रा, या लैब चलाने के शुरुआती वर्षों में बच्चों की देखभाल। यह लचीलापन उन स्नातकोत्तर छात्रों, पोस्टडॉक और जूनियर फैकल्टी के लिए खास महत्व रखता है जिनके काम में नए नतीजों के साथ प्राथमिकताएँ जल्दी बदल सकती हैं।
- स्थान: कैलटेक, गैया और नासा मिशनों से जुड़े खगोल-विज्ञान शोध में।
- वित्तीय अवधि: पाँच वर्ष।
- सहायता राशि: 9,85,834 डॉलर की प्रतिबंध-मुक्त निधि।
- व्यावहारिक असर: अप्रत्याशित निष्कर्षों पर काम करने और शोध टीम बनाने के लिए अधिक गुंजाइश।
छिपे हुए ब्लैक होल उनके काम का केंद्र क्यों हैं?
ब्लैक होल को सीधे देखना कठिन होता है, इसलिए अल-बद्री उनके आसपास के तारों पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हैं। वे गैया जैसे बड़े सर्वेक्षण डेटा और लक्षित स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग करके तारकीय गतियों की पहचान करते हैं, जो अदृश्य साथियों की मौजूदगी का संकेत देती हैं। इसी तरीके से वे पृथ्वी के सबसे निकट ज्ञात ब्लैक होल, सूर्य जैसे तारों की परिक्रमा करते 21 छिपे हुए न्यूट्रॉन स्टार, और त्रि-तारा प्रणाली में पहला ज्ञात ब्लैक होल खोज चुके हैं।
उनका व्यापक लक्ष्य छिपी हुई कॉम्पैक्ट वस्तुओं के द्रव्यमान, वेग और साथियों का अध्ययन करके यह समझना है कि भारी तारे कैसे जीते हैं और कैसे मरते हैं। उनके शब्दों में, ये मृत तारे ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार का एक “तारकीय कब्रिस्तान” बनाते हैं।
उन्हें यह फेलोशिप कैसे पता चली?
उन्हें इस पुरस्कार की जानकारी हिरोसी ओओगुरी द्वारा तय की गई एक ज़ूम कॉल में मिली। ओओगुरी, कैलटेक के डिविज़न ऑफ़ फ़िज़िक्स, मैथमेटिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी में केंट और जॉयस क्रेसा लीडरशिप चेयर हैं। उन्होंने अल-बद्री को शोध पर चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन कॉल में पैकार्ड फ़ाउंडेशन का एक प्रतिनिधि भी शामिल हो गया और उसने यह खबर दी।
अल-बद्री ने कहा कि उन्हें लगा यह सामान्य बैठक है और जब कॉल में कोई और शामिल हुआ तो उन्हें लगा कि शायद उनसे कोई गलती हो गई है। ओओगुरी ने कहा कि अल-बद्री में बड़े खगोलीय डेटा को तारकीय विकास से जुड़े निष्कर्षों में बदलने की असाधारण क्षमता है।
अब आगे उनके शोध में क्या होगा?
अल-बद्री अब गैया के नए डेटा के साथ-साथ SPHEREx, नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप और UVEX जैसे नासा मिशनों से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण करने की योजना बना रहे हैं। इन डेटासेट्स से उन्हें छिपे हुए ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार की पहचान और विशेषताओं को समझने के लिए और सामग्री मिलेगी।
उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि में येल विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री, यूसी बर्कले से खगोलभौतिकी में पीएचडी, और कैलटेक में शामिल होने से पहले हार्वर्ड एवं स्मिथसोनियन सेंटर फ़ॉर एस्ट्रोफ़िज़िक्स में पोस्टडॉक्टोरल शोध शामिल है। 2025 में उन्हें स्लोन रिसर्च फेलो और मैकआर्थर फेलो भी नामित किया गया था।

