
मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन के मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, ह्यूमैनिटीज़, एंड आर्ट्स (एमआईएसएचए) में एक दो-वर्षीय एमए कार्यक्रम उपलब्ध है, जो बहुविषयी अध्ययन को पर्यवेक्षित शोध से जोड़ता है। यह कार्यक्रम पहले आधारभूत पाठ्यक्रमों से शुरू होता है, फिर दूसरे सेमेस्टर में अंग्रेज़ी, यूरोपीय अध्ययन, इतिहास, दर्शन या समाजशास्त्र में विशेषीकरण का विकल्प देता है। अंतिम सेमेस्टर मूल थीसिस कार्य के लिए तय है।
मुख्य तथ्य
- एमए कार्यक्रम एमआईएसएचए, एमएएचई मणिपाल में दिया जा रहा है।
- यह दो वर्ष का है और बहुविषयी शिक्षण तथा शोध पर आधारित है।
- पहले सेमेस्टर के बाद पाँच विकल्पों में से विशेषीकरण चुना जाता है।
- अंतिम सेमेस्टर में संकाय मार्गदर्शन के साथ मूल शोध-थीसिस पर काम होता है।
- सामान्य उम्मीदवारों के लिए शुल्क 2,16,000 रुपये और एनआरआई/विदेशी उम्मीदवारों के लिए 3,500 अमेरिकी डॉलर सूचीबद्ध है।
छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
जो छात्र ऐसा एमए चाहते हैं जिसमें व्यापक मानविकी-सामाजिक विज्ञान आधार और एक चुने हुए विषय में गहराई दोनों हों, उनके लिए यह कार्यक्रम चरणबद्ध ढांचा देता है। एमआईएसएचए के अनुसार, छात्र अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ शोध और लेखन कौशल भी विकसित कर सकते हैं, जो आगे डॉक्टोरल अध्ययन और शोध-उन्मुख भूमिकाओं में काम आते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन, एमआईएसएचए एडमिशन फॉर्म, व्यक्तिगत साक्षात्कार, प्रोविजनल एडमिशन ऑफर और औपचारिक प्रवेश प्रक्रिया शामिल है। पात्रता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री और कम से कम 50 प्रतिशत समग्र अंक या समकक्ष है।
- अवधि: 2 वर्ष
- पात्रता: किसी भी विषय में स्नातक, 50 प्रतिशत या समकक्ष
- शुल्क: सामान्य के लिए 2,16,000 रुपये; एनआरआई/विदेशी के लिए 3,500 अमेरिकी डॉलर
- विशेषीकरण: अंग्रेज़ी, यूरोपीय अध्ययन, इतिहास, दर्शन, समाजशास्त्र
कार्यक्रम की संरचना कैसी है?
पहले सेमेस्टर में विभिन्न विषयों के पाँच आधारभूत पाठ्यक्रम होते हैं। उसी चरण के अंत में छात्र अपना विशेषीकरण चुनते हैं। दूसरे सेमेस्टर में चार विषय-कोर्स और शोध पद्धति का एक कोर्स पढ़ाया जाता है। कार्यक्रम के अनुसार, पहले वर्ष के अंत तक छात्र 40 क्रेडिट अर्जित कर लेते हैं।
यह संरचना व्यापकता और गहराई, दोनों को जोड़ने के लिए बनाई गई है: छात्रों को पहले कई अनुशासनों की विधियों से परिचित कराया जाता है और फिर वे चुने हुए क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। एमआईएसएचए पाठ्यक्रम में इंटरैक्टिव लर्निंग, एमओओसी और स्व-निर्देशित अध्ययन को भी शामिल बताता है।
यह एमए शोध प्रशिक्षण पर इतना ज़ोर क्यों देता है?
कार्यक्रम में थीसिस लेखन को एक अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि केंद्रीय घटक माना गया है। अंतिम सेमेस्टर में छात्रों को संकाय मार्गदर्शन के तहत मूल शोध-कार्य पूरा करना होता है, ताकि उन्नत अध्ययन और शोध-आधारित करियर के लिए आवश्यक लेखन, विश्लेषण और अकादमिक कौशल विकसित हो सकें।
थीसिस के अलावा कार्यक्रम में कार्यशालाएँ, सम्मेलन, अतिथि व्याख्यान और खुले वैकल्पिक या प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के रूप में विदेशी तथा भारतीय भाषाएँ सीखने के अवसर भी बताए गए हैं। एमआईएसएचए अंतरराष्ट्रीय साझेदार विश्वविद्यालयों के नेटवर्क के माध्यम से अध्ययन-अवधि विनिमय या दोहरी डिग्री विकल्पों की भी ओर संकेत करता है।
कौन-सी छात्रवृत्तियाँ सूचीबद्ध हैं?
एमएएचई के अनुसार, स्नातकोत्तर छात्रों के लिए कई श्रेणियों में छात्रवृत्ति उपलब्ध है, जिनमें एमएएचई पूर्व-छात्रों के बच्चे, अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति, अचीवर श्रेणी, स्कॉलर श्रेणी, कोंकणी-भाषी छात्र, एजीईएस छात्रवृत्ति और एसजीईएस छात्रवृत्ति शामिल हैं। पेज यह भी बताता है कि अगले वर्षों में शुल्क छूट जारी रहने के लिए शैक्षणिक प्रगति और आचरण की शर्तें पूरी करनी होंगी, और समय से पहले कोर्स छोड़ने पर छात्र को उपयोग किए गए छात्रवृत्ति वर्षों के कुल कार्यक्रम शुल्क की प्रतिपूर्ति करनी पड़ सकती है।
छात्रवृत्ति अनुभाग के मुताबिक, बाद के वर्षों में दी जाने वाली शुल्क छूट पहली बार प्रवेश के समय दी गई छूट के समान रहती है, लेकिन केवल वे छात्र ही अगली वर्ष की शुल्क-तिथि से पहले पिछली वर्ष की विश्वविद्यालय परीक्षाओं के सभी विषय पास करते हैं तो ही आगे छूट के पात्र रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एमआईएसएचए के एमए के लिए पात्रता क्या है?
उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री और कम से कम 50 प्रतिशत समग्र अंक या समकक्ष होना चाहिए।
इस कार्यक्रम की फीस कितनी है?
सामान्य उम्मीदवारों के लिए कुल कार्यक्रम शुल्क 2,16,000 रुपये और एनआरआई/विदेशी उम्मीदवारों के लिए 3,500 अमेरिकी डॉलर सूचीबद्ध है।

