
अमेरिकी जिला अदालत ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए Duration of Status ढांचे को खत्म करने वाले संघीय नियम पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस निषेधाज्ञा से अभी मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और 15 सितंबर से शुरू होने वाले तय प्रवेश अवधि वाले बदलाव को फिलहाल लागू नहीं किया जा सकेगा।
मुख्य तथ्य
- रोक लगाया गया नियम 15 सितंबर से प्रभावी होने वाला था।
- न्यायाधीश F. Dennis Saylor IV ने 14 सितंबर को राष्ट्रव्यापी प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की।
- इस नियम से Duration of Status की जगह डिग्री छात्रों के लिए चार साल और भाषा छात्रों के लिए 24 महीने की तय प्रवेश अवधि लागू होती।
- जिन छात्रों को अधिक समय चाहिए होता, उन्हें अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों से विस्तार मांगना पड़ता।
- अदालत ने कहा कि Administrative Procedure Act के तहत वादी अपने दावों के गुण-दोष पर सफल होने की संभावना रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय छात्र Duration of Status प्रणाली के तहत अमेरिका में रह सकते हैं, यानी वे अपने कार्यक्रम को पूरा करने जितने समय तक देश में रह सकेंगे। इससे अभी यह तुरंत जोखिम नहीं बनता कि किसी छात्र को डिग्री पूरी करने या स्नातक होने के बाद Optional Practical Training में जाने के लिए अतिरिक्त विस्तार आवेदन करना पड़े।
रुके हुए नियम से उन छात्रों के लिए अनिश्चितता बढ़नी थी जिनके कार्यक्रम प्रस्तावित तय अवधियों से लंबे होते। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, किसी भी विस्तार अनुरोध पर DHS का विवेक लागू होता और DHS के भीतर उस निर्णय के खिलाफ अपील का रास्ता नहीं होता। इससे छात्रों, शोधकर्ताओं और संस्थानों के लंबे अकादमिक समय-फ्रेम की योजना प्रभावित हो सकती थी।
इमिग्रेशन फर्म Fragomen ने कहा कि DHS आगे के अदालत आदेश तक इस तय प्रवेश अवधि वाले नियम को लागू नहीं कर सकता, लेकिन उसने यह भी चेतावनी दी कि अपील जल्दी आ सकती है। इसलिए छात्रों, विश्वविद्यालयों और नियोक्ताओं को कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी पड़ सकती है।
अदालत ने निषेधाज्ञा क्यों जारी की?
अदालत ने कहा कि वादी अपने दावों के गुण-दोष पर सफल होने की संभावना रखते हैं और बिना निषेधाज्ञा के उन्हें तत्काल अपूरणीय नुकसान होगा। अदालत ने यह भी माना कि मामला आगे चलते समय नियम को रोकना ही संतुलन और सार्वजनिक हित के अनुकूल है।
अपने तर्क में अदालत ने कहा कि Department of Homeland Security कई मायनों में Administrative Procedure Act का पालन करने में विफल रहा। न्यायाधीश ने यह भी लिखा कि यह नियम संयुक्त राज्य में विदेशी छात्रों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों और पत्रकारों की कुल संख्या को काफी सीमित कर सकता था और छात्र नामांकन को हतोत्साहित कर सकता था।
यह नियम क्या बदलने वाला था?
अंतिम नियम Duration of Status ढांचे को हटाकर तय प्रवेश अवधि लाता। डिग्री छात्रों को चार साल के लिए और भाषा छात्रों को 24 महीनों के लिए प्रवेश मिलता।
जिन छात्रों को अधिक समय चाहिए होता, उन्हें Form I-539 के जरिए stay extension के लिए आवेदन करना पड़ता। अदालत ने इस प्रक्रिया को अनिश्चित माना, क्योंकि DHS ने यह स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं दिया था कि अनुरोधों का मूल्यांकन कैसे होगा और न ही यह बताया था कि बड़ी संख्या में आवेदनों को उसकी प्रणाली कैसे संभालेगी।
आगे क्या होगा?
यह निषेधाज्ञा मामले के merits पर अंतिम फैसले तक नियम को टालती है। अभी के लिए पुराना Duration of Status ढांचा लागू है।
दिए गए evidence से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार अपील कर सकती है, इसलिए मौजूदा राहत अंतिम नहीं हो सकती। जिन विश्वविद्यालयों और छात्रों की immigration planning निकट है, वे इस मुकदमे पर नजर बनाए रख सकते हैं।

