
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय (यूबीसी) में सांख्यिकी के पीएचडी छात्र आइज़ैक रैंकिन ऐसे शोध पर काम कर रहे हैं जिसमें अनुमानित गणनात्मक तरीकों से सटीक निष्कर्ष निकालने के तरीके खोजे जा रहे हैं। उनका काम यूबीसी के विज्ञान संकाय में है और इस सवाल से जुड़ा है कि जटिल संभाव्यता समस्याओं के लिए तेज़ तरीकों को कैसे अधिक भरोसेमंद बनाया जाए।
मुख्य तथ्य
- रैंकिन यूबीसी में सांख्यिकी में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) कर रहे हैं।
- उनका शोध विषय अनुमानित गणनात्मक तरीकों के साथ सटीक निष्कर्ष है।
- उनके पर्यवेक्षक सैफुद्दीन सैयद और चार्ल्स मार्गोसियन हैं।
- उन्हें कनाडा ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप्स डॉक्टोरल (सीजीआरएस डी) कार्यक्रम और फोर ईयर डॉक्टोरल फेलोशिप (४वाईएफ) के लिए चुना गया है।
- वे कनाडा के कॉमॉक्स वैली से हैं।
ग्रेजुएट छात्रों और आवेदकों के लिए इसका क्या मतलब है?
रैंकिन की प्रोफ़ाइल यह दिखाती है कि यूबीसी में सांख्यिकी के पीएचडी छात्रों को ऐसा शोध माहौल मिल सकता है जहाँ सैद्धांतिक काम, गणनात्मक तरीके और व्यावहारिक उपयोग एक साथ चलते हैं। जिन आवेदकों की रुचि बेयेज़ीयन और गणनात्मक विधियों में है, उनके लिए यह उदाहरण बताता है कि विभाग में इसी दिशा में कई संकाय सदस्य काम कर रहे हैं।
व्यावहारिक रूप से, यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए उपयुक्त दिखता है जो जटिल संभाव्यता वितरण, एन्हांस्ड सैम्पलिंग, वैरिएशनल इन्फ़रेंस और जेनरेटिव मॉडल्स जैसे विषयों पर काम करना चाहते हैं। रैंकिन के अनुसार, विभाग के तरीकों को स्टैन, जीपीयूटॉर्च और पाइजन्स.जेएल जैसे टूल्स के जरिए व्यापक वैज्ञानिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
- कार्यक्रम: सांख्यिकी में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी)
- संकाय: विज्ञान संकाय
- पर्यवेक्षक: सैफुद्दीन सैयद और चार्ल्स मार्गोसियन
- चयनित पुरस्कार: सीजीआरएस डी और ४वाईएफ
उन्होंने यूबीसी क्यों चुना?
रैंकिन के मुताबिक उन्होंने यूबीसी इसलिए चुना क्योंकि वे इसे बेयेज़ीयन और गणनात्मक तरीकों के लिए कनाडा का सबसे मजबूत सांख्यिकी विभाग मानते हैं। उनके लिए वैंकूवर की साइक्लिंग और स्कीइंग की सुविधा भी एक अहम आकर्षण थी।
यूबीसी आने से पहले उन्होंने ऑक्सफोर्ड में अपनी परास्नातक पढ़ाई के दौरान आणविक निर्माण के लिए डिफ्यूज़न मॉडल्स पर काम किया था। वे कहते हैं कि स्नातक स्तर के एनएसईआरसी शोध कार्य और ऑक्सफोर्ड की डिग्री ने उन्हें यहाँ उत्पादक शोध के लिए तैयार किया।
उनका शोध किस बारे में है?
रैंकिन का शोध एक सामान्य वैज्ञानिक गणना समस्या पर केंद्रित है: सटीक तरीके बहुत धीमे हो सकते हैं, जबकि तेज़ अनुमानित तरीके कुछ गारंटी खो सकते हैं। उनका काम यह समझने पर है कि इन अनुमानित तरीकों से गारंटी कैसे वापस हासिल की जाए, ताकि वे नीचे के निर्णयों के लिए आवश्यक मुख्य गुणों को सुरक्षित रख सकें।
वे सैद्धांतिक गारंटियों के साथ-साथ एन्हांस्ड सैम्पलिंग, वैरिएशनल इन्फ़रेंस और जेनरेटिव मॉडल्स के लिए व्यावहारिक तरीकों में भी रुचि रखते हैं।
कार्यक्रम छात्रों को क्या देता है?
रैंकिन के अनुसार, यूबीसी के सांख्यिकी विभाग में बेयेज़ीयन और गणनात्मक तरीकों पर काम करने वाले कई संकाय सदस्य हैं। वे यह भी रेखांकित करते हैं कि विभाग अपने तरीकों को सॉफ्टवेयर और अन्य शोध समूहों के सहयोग के जरिए व्यापक रूप से उपलब्ध कराता है।
छात्रों के लिए इसका मतलब यह है कि कार्यक्रम केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं है। इसमें ऐसी कार्यान्वयन-आधारित सीख भी मिलती है जिसका असर विभाग से बाहर वैज्ञानिक काम पर पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आइज़ैक रैंकिन यूबीसी में क्या पढ़ रहे हैं?
वे यूबीसी में सांख्यिकी में पीएचडी कर रहे हैं और उनका शोध अनुमानित गणनात्मक तरीकों के साथ सटीक निष्कर्ष पर केंद्रित है। उनका उद्देश्य तेज़ तरीकों का लाभ लेते हुए भरोसेमंद गारंटियाँ बनाए रखना है।
आइज़ैक रैंकिन को कौन-से पुरस्कार मिले हैं?
उन्हें कनाडा ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप्स डॉक्टोरल (सीजीआरएस डी) कार्यक्रम और फोर ईयर डॉक्टोरल फेलोशिप (४वाईएफ) के लिए चुना गया है।

