
टोरंटो विश्वविद्यालय के मंक स्कूल में ११ नवंबर २०२६ को होने वाली एक इन-पर्सन कार्यशाला में वे तीन पीएचडी शोधकर्ता शामिल होंगे जिन्हें फ्रांस और फ्रैंकोफोन विश्व अध्ययन केंद्र से अल्पकालिक डॉक्टोरल शोध अनुदान मिला है। इस सत्र में मध्ययुगीन मठीय कला, विवादित कैरिबियाई द्वीप-इतिहास और प्रूस्त के पेरिस पर फील्डवर्क के निष्कर्ष सामने रखे जाएंगे।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम ११ नवंबर २०२६ को दोपहर २:०० बजे से ४:०० बजे तक निर्धारित है।
- यह टोरंटो के १ डेवोनशायर प्लेस स्थित मंक स्कूल के नॉर्थ हाउस, कक्ष १०८ में होगा।
- कार्यशाला में फ्रांस और फ्रैंकोफोन विश्व अध्ययन केंद्र के अल्पकालिक डॉक्टोरल शोध अनुदान पाने वाले शोधकर्ता बोलेंगे।
- वक्ता जेमी कॉलिंग्स, हेववोट टाडेस्से और फैन शू हैं, जो सभी टोरंटो विश्वविद्यालय के पीएचडी शोधकर्ता हैं।
टोरंटो विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
यह कार्यक्रम दिखाता है कि फ्रांस और फ्रैंकोफोन दुनिया से जुड़े क्षेत्रीय शोध के लिए टोरंटो विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्रों को अल्पकालिक सहायता उपलब्ध है। कार्यशाला २०२६ के इन पुरस्कार-प्राप्त शोधकर्ताओं को अपने काम और उसके व्यापक महत्व को सार्वजनिक रूप से साझा करने का मंच देती है।
स्नातक शोधकर्ताओं के लिए व्यावहारिक संदेश यह है कि यह केंद्र फील्डवर्क के छोटे-अवधि वाले प्रोजेक्ट्स को समर्थन देता है और फिर पुरस्कार-प्राप्त शोधकर्ताओं को एक साझा प्रस्तुति मंच पर लाता है। यहाँ प्रस्तुत परियोजनाएँ मठीय वास्तुकला, शुरुआती आधुनिक कैरिबियाई जीवन-निर्वाह नीतियों और पेरिस में साहित्यिक भूगोल जैसे विविध विषयों तक इसकी पहुँच दिखाती हैं।
- कौन प्रभावित है: टोरंटो विश्वविद्यालय के वे पीएचडी छात्र जिनका शोध फ्रांस या फ्रैंकोफोन दुनिया से जुड़ा है।
- क्या उपलब्ध है: अल्पकालिक डॉक्टोरल शोध अनुदान।
- काम आगे कहाँ ले जा सकता है: मंक स्कूल में फील्ड शोध प्रस्तुतियाँ।
- कार्यक्रम प्रारूप: इन-पर्सन कार्यशाला।
वक्ता क्या प्रस्तुत करेंगे?
जेमी कॉलिंग्स “टाइल्स, मेसनरी, एंड ग्रिज़ाइल: एब्स्ट्रैक्ट ज्योमेट्रिसिटी इन फ्रेंच सिस्टरशियन आर्ट एंड आर्किटेक्चर” शीर्षक प्रस्तुति देंगे, जिसमें मठवाद और कला-इतिहास से जुड़ा शोध होगा। हेववोट टाडेस्से “«सेत्त इल क्वोइक फोर्त बेल ए ग्रांद ने नेआंमोँ पा हबिते»: इनहैबिटेड आइलैंड्स, कंटेस्टेड हॉस्पिटैलिटीज़, एंड नैरेटिव्स ऑफ़ एक्सटिंक्शन इन द हिस्ट्री ऑफ़ द सेवेंटीन्थ-सेंचुरी ईस्टर्न कैरिबियन” पर बोलेंगी, जो शुरुआती आधुनिक कैरिबियाई इतिहास पर केंद्रित है। फैन शू “इन सर्च ऑफ़ लॉस्ट स्पेस, प्रूस्त्स पेरिस इन २०२६” प्रस्तुत करेंगे, जिसमें साहित्यिक अध्ययन को दार्शनिक दृष्टि से जोड़ा गया है।
इन तीन परियोजनाओं को साथ क्यों रखा गया है?
कार्यशाला का ढाँचा इन तीनों परियोजनाओं को उन “विशिष्ट फ्रैंकोफोन स्थानों” के जरिए जोड़ता है जो समय के साथ अर्थ अर्जित करते हैं और बाद में विवादित या “खोए” हुए स्थान बन सकते हैं। कार्यक्रम- विवरण मठों, द्वीपों और पेरिस की सड़कों को ऐसे स्थलों के रूप में जोड़ता है जहाँ इतिहास, साहित्य और भौतिक संस्कृति एक-दूसरे से मिलते हैं।
इससे सत्र एक साधारण शोध-प्रस्तुति से आगे बढ़कर यह चर्चा बन जाता है कि स्थानों की याद कैसे बनती है, उन्हें कैसे नए अर्थ दिए जाते हैं और किन परिस्थितियों में वे विवाद का विषय बनते हैं।
आयोजन कौन कर रहा है और प्रतिभागियों को कहाँ जाना चाहिए?
इस कार्यक्रम के प्रायोजक फ्रांस और फ्रैंकोफोन विश्व अध्ययन केंद्र, यूरोपीय और यूरेशियाई अध्ययन केंद्र, और मंक स्कूल हैं। सूची के अनुसार, उपस्थिति के लिए स्थान मंक स्कूल, १ डेवोनशायर प्लेस, टोरंटो में यूरोपीय और यूरेशियाई अध्ययन केंद्र तथा फ्रांस और फ्रैंकोफोन विश्व अध्ययन केंद्र है।
उपस्थिति संबंधी जानकारी के लिए सूची में संपर्क पता munkschool.centres@utoronto.ca दिया गया है।

