
मैनचेस्टर म्यूज़ियम, जो द यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर का हिस्सा है, गेटी की न्यू इंटरप्रेटेशंस पहल के समर्थन से अपने पुरातत्व संग्रहों की व्याख्या को फिर से गढ़ने के लिए तीन वर्षीय कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल अतीत समझाना नहीं, बल्कि व्याख्या को इस तरह इस्तेमाल करना है कि लोग बेहतर भविष्य की कल्पना कर सकें।
मुख्य तथ्य
- संग्रहालय पुरातत्व व्याख्या पर केंद्रित तीन वर्षीय कार्यक्रम चलाएगा।
- गेटी इस परियोजना को अपनी न्यू इंटरप्रेटेशंस पहल के माध्यम से समर्थन दे रहा है।
- तीन इमेजिनेशन फेलोशिप्स आर्कियोलॉजी गैलरी के लिए नई व्याख्यात्मक पहलों की सह-रचना में मदद करेंगी।
- मैनचेस्टर म्यूज़ियम लगभग 60,000 पुरातत्व वस्तुओं की देखभाल करता है, जो 50,000 से अधिक वर्षों के मानव इतिहास और भौतिक संस्कृति को समेटती हैं।
- संग्रहालय पायलट दौर में अनुदान पाने वाले 11 संगठनों में शामिल है और यूरोप से एकमात्र चयनित संस्था है।
यह संग्रहालय आगंतुकों और समुदायों के लिए क्या बदलेगा?
सबसे तुरंत असर आर्कियोलॉजी गैलरी में दिख सकता है, जहाँ संग्रहालय समुदायों, अभ्यासकर्ताओं, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के साथ मिलकर नई प्रदर्शन-व्यवस्थाएँ विकसित करने की योजना बना रहा है। इन बदलावों से समावेशन, कल्पनाशीलता और देखभाल पर आधारित प्रस्तुति को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
यह काम तीन इमेजिनेशन फेलोशिप्स के जरिए होगा, जिनका मकसद एकतरफ़ा व्याख्या की जगह सह-निर्माण को बढ़ावा देना है। संग्रहालय का कहना है कि इस परियोजना से अपनापन, आशा और एजेंसी मजबूत होंगी और ब्रिटेन तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संग्रहालय अभ्यास को प्रभावित करने वाला एक नया मॉडल बनेगा।
- कौन प्रभावित होगा: संग्रहालय आगंतुक, समुदाय साझेदार, शोधकर्ता और कर्मचारी।
- क्या बदलेगा: आर्कियोलॉजी गैलरी में नई व्याख्यात्मक पहल और प्रदर्शन।
- कितने समय तक: तीन वर्ष।
- क्यों महत्वपूर्ण: संग्रहालय सहयोगी प्रदर्शन के लिए क्षेत्र-नेतृत्व वाले मॉडल बनाना चाहता है।
यह परियोजना क्या बदलना चाहती है?
संग्रहालय का कहना है कि यह परियोजना सह-रचना के एक नए मॉडल की परीक्षा लेगी, जिसमें पुरातत्व का उपयोग केवल अतीत समझाने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जुड़ाव और नागरिक भागीदारी को सहारा देने के लिए भी किया जाएगा। यह दृष्टिकोण गहरे इतिहास वाले संग्रहों को ऐसे ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करने के लिए है जो अधिक सहयोगी हों और समकालीन दर्शकों के लिए अधिक प्रासंगिक भी।
मैनचेस्टर म्यूज़ियम की निदेशक एसमे वार्ड ने कहा कि यह पहल पूरे पुरातात्विक व्याख्या-कार्य में मूल्य-आधारित अभ्यास को जोड़ने और समुदायों के साथ मिलकर नया ज्ञान विकसित करने का अवसर देती है। उनके अनुसार, संग्रहालय अपनापन, आशा और एजेंसी पर केंद्रित सहयोगी प्रदर्शन के नए मॉडल बनाना चाहता है।
मैनचेस्टर म्यूज़ियम के पुरातत्व संग्रह क्यों महत्वपूर्ण हैं?
मैनचेस्टर म्यूज़ियम के अनुसार, वह लगभग 60,000 पुरातत्व वस्तुओं की देखभाल करता है, जो 50,000 से अधिक वर्षों के मानव इतिहास और भौतिक संस्कृति को समेटती हैं। इन संग्रहों को उनके अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण आर्ट्स काउंसिल इंग्लैंड द्वारा नामित किया गया है।
संग्रहालय अपनी उन विशेषताओं को रेखांकित करता है जिनमें मैनचेस्टर और उसके आसपास से प्राप्त खुदाई की गई रोमन-युगीन वस्तुओं का सबसे बड़ा संग्रह, यूरोप, पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया और अफ़्रीका से व्यापक प्रागैतिहासिक सामग्री, और दुर्लभ शास्त्रीय यूनानी मिट्टी के बर्तन शामिल हैं, जो प्रसिद्ध पौराणिक कथाओं की लंबे समय से चली आ रही व्याख्याओं को चुनौती देते हैं।
गेटी अनुदान दौर में मैनचेस्टर म्यूज़ियम की जगह क्या है?
मैनचेस्टर म्यूज़ियम गेटी की न्यू इंटरप्रेटेशंस अनुदानों के पायलट दौर में चुने गए 11 संग्रहालयों और कला संगठनों में से एक है, और यूरोप में एकमात्र विजेता है। अन्य प्राप्तकर्ताओं में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के संस्थान शामिल हैं, जैसा कि घोषणा में बताया गया है।
यह परियोजना मैनचेस्टर म्यूज़ियम को उन अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बीच रखती है जो संग्रहालयों के संग्रह-व्याख्या के तरीके और दर्शकों को उस प्रक्रिया में शामिल करने के तरीकों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

