
डॉ ओमर अयाज़ी, द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के ह्यूमैनिटेरियन एंड कन्फ्लिक्ट रिस्पॉन्स इंस्टिट्यूट (एचसीआरआई) में डिज़ास्टर्स एंड क्लाइमेट क्राइसिस के सीनियर लेक्चरर, को उनकी मोनोग्राफ Atmospheric Violence: Disaster and Repair in Kashmir के लिए ब्लूम्सबरी पाकिस्तान बुक प्राइज़ मिला है। यह सम्मान उस पुस्तक को मिला है जो पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में हिंसा, देखभाल और मरम्मत के साथ जीने के तरीकों की पड़ताल करती है।
मुख्य तथ्य
- डॉ ओमर अयाज़ी को ब्लूम्सबरी पाकिस्तान बुक प्राइज़ मिला।
- विजेता पुस्तक Atmospheric Violence: Disaster and Repair in Kashmir है।
- यह मोनोग्राफ 2024 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेनसिल्वेनिया प्रेस से प्रकाशित हुई थी।
- द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के अनुसार, पुस्तक को अब छह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
- यह पुरस्कार पाकिस्तान और दक्षिण एशिया की समझ को गहरा करने वाली छात्रवृत्ति को मान्यता देता है।
छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?
यह सम्मान दिखाता है कि आपदा-अध्ययन, नृविज्ञान, दक्षिण एशियाई अध्ययन और सामाजिक न्याय को जोड़ने वाला शोध अंतरराष्ट्रीय मान्यता पा सकता है। छात्रों और शुरुआती शोधकर्ताओं के लिए यह उदाहरण है कि मजबूत क्षेत्रीय शोध और सटीक वैचारिक ढांचा तब खास प्रभाव डाल सकता है, जब काम संघर्ष, पारिस्थितिकी और रोज़मर्रा के जीवन के सवालों से जुड़ा हो।
यह उन पाठकों के लिए भी उपयोगी है जो अकादमिक ओपन-एक्सेस प्रकाशन में रुचि रखते हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह पुस्तक ओपन एक्सेस में उपलब्ध है, जिससे पाठक इसे बिना पेवॉल के पढ़ सकते हैं।
- लेखक: डॉ ओमर अयाज़ी
- संस्थान: ह्यूमैनिटेरियन एंड कन्फ्लिक्ट रिस्पॉन्स इंस्टिट्यूट, द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर
- पुरस्कार: ब्लूम्सबरी पाकिस्तान बुक प्राइज़
- पुस्तक: Atmospheric Violence: Disaster and Repair in Kashmir
जूरी ने किसे सराहा?
जूरी ने अयाज़ी की “शोधपरक आख्यान के साथ अग्रणी प्रयोगशीलता” की प्रशंसा की और कहा कि यह पुस्तक गहरे करुणामय नृवंशविज्ञान शोध और कश्मीर के भावनात्मक परिदृश्य पर ध्यान के साथ रची गई है। उसने इसे पारिस्थितिक रूप से नाज़ुक, सैन्यीकृत सीमा क्षेत्रों में जीवन का नृवंशविज्ञान बताया और कहा कि यह पद्धतिगत तथा वैचारिक नवाचार दोनों प्रस्तुत करती है।
यह पुरस्कार अकादमिक पुस्तकों को दिया जाता है जो पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के अध्ययन में मौलिक योगदान देती हैं, जिनमें इतिहास, राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति शामिल हैं। विश्वविद्यालय के मुताबिक, यह सम्मान दक्षिण एशिया, आपदाओं, नृविज्ञान और सामाजिक न्याय पर इस पुस्तक के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।
यह पुस्तक आपदा-अध्ययन में क्यों महत्वपूर्ण है?
Atmospheric Violence आपदा को अलग-थलग घटनाओं या सीधे शारीरिक आघात के क्षणों के रूप में देखने वाली धारणाओं को चुनौती देती है। इसके बजाय, यह हिंसा को एक सतत स्थिति के रूप में प्रस्तुत करती है जो सैन्य चौकियों, नो-गो ज़ोन और खंडित परिदृश्यों के साथ रोज़मर्रा के जीवन में बुनी हुई है।
पुस्तक मित्रता, रिश्तेदारी, देखभाल और मरम्मत को उन प्रथाओं के रूप में केंद्र में रखती है जो जारी हिंसा के बीच जीवन को संभव बनाती हैं। इसी दृष्टिकोण से समझ आता है कि यह काम एक ही विषय-क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा और विश्वविद्यालय के अनुसार इसे अब छह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
क्या यह पुस्तक पढ़ने के लिए उपलब्ध है?
हाँ। द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के अनुसार Atmospheric Violence: Disaster and Repair in Kashmir ओपन एक्सेस में पढ़ने के लिए उपलब्ध है, जिससे पाठकों को मोनोग्राफ तक मुफ्त पहुंच मिलती है।

