
मैनचेस्टर विश्वविद्यालय ने पीएचडी/एमफिल कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स कार्यक्रम के 2027 प्रवेश विवरण प्रकाशित किए हैं। इसमें शोध क्षेत्र, प्रवेश शर्तें, शुल्क और आवेदन प्रक्रिया शामिल हैं, और यह उन स्नातकोत्तर शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो परमाण्विक रूप से पतली सामग्रियों, क्वांटम द्रवों और संबंधित भौतिकी में काम करना चाहते हैं।
मुख्य तथ्य
- प्रवेश वर्ष 2027 है।
- पूर्णकालिक पीएचडी की अवधि 3-4 वर्ष और पूर्णकालिक एमफिल की अवधि 1 वर्ष है।
- कंडेंस्ड मैटर शोधार्थियों को नेशनल ग्रैफीन इंस्टीट्यूट तक पहुंच मिलती है।
- आवेदकों के लिए साक्षात्कार आवश्यक है और आवेदन में प्रोजेक्ट शीर्षक या शोध क्षेत्र, प्रस्तावित सुपरवाइज़र और दो संदर्भ देने होते हैं।
यह स्नातकोत्तर शोधार्थियों के लिए क्या मायने रखता है?
जो छात्र भौतिकी में शोध डिग्री की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह कार्यक्रम मैनचेस्टर के कंडेंस्ड मैटर समूह और उसकी सुविधाओं तक स्पष्ट रास्ता देता है। विभाग के अनुसार शोध में द्वि-आयामी सामग्रियां, ग्रैफीन-संबंधित शोध, परतदार सामग्रियों में अतिचालकता, क्वांटम द्रव और परमाण्विक रूप से पतले चैनलों से द्रव्यमान परिवहन शामिल हैं।
व्यावहारिक अगला कदम एक प्रोजेक्ट या शोध प्रश्न तय करना, उसे सुपरवाइज़र के साथ चर्चा करना और आवश्यक आवेदन सामग्री तैयार करना है। इनमें एक या दो पृष्ठ का सहायक वक्तव्य, अंकपत्र, सीवी, आवश्यकता होने पर अंग्रेज़ी भाषा का प्रमाण, और दो अकादमिक संदर्भों के संपर्क विवरण शामिल हैं। साक्षात्कार भी होगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार वित्तपोषण छात्रवृत्तियों, स्टूडेंटशिप और विश्वविद्यालय, संकाय तथा विभाग स्तर के पुरस्कारों से आ सकता है, और परियोजना तथा फंडर के आधार पर अंशकालिक अध्ययन 50%, 60% या 80% पर संभव हो सकता है। अकादमिक वर्ष के भीतर प्रवेश स्थगन आम तौर पर पर्यवेक्षण टीम और फंडर की मंजूरी से संभव है।
किस तरह का शोध शामिल है?
कार्यक्रम विवरण के अनुसार मैनचेस्टर में कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स पदार्थ के भौतिक गुणों का परमाण्विक स्तर से अध्ययन करता है। शोध विषयों में 2डी सामग्रियों और उनकी हेटरोस्ट्रक्चर की इलेक्ट्रॉनिक, ऑप्टिकल, यांत्रिक और चुंबकीय विशेषताएं, साथ ही क्वांटम द्रव और इंटरकलेशन-प्रेरित अतिचालकता शामिल हैं।
मैनचेस्टर का कहना है कि विभाग को शूस्टर भवन और नेशनल ग्रैफीन इंस्टीट्यूट में क्लीन-रूम माइक्रोफैब्रिकेशन, मापन और चरित्रांकन जैसी सुविधाओं का समर्थन प्राप्त है। विश्वविद्यालय अन्य बहुविषयी केंद्रों के रूप में फोटॉन साइंस इंस्टीट्यूट, मैनचेस्टर सेंटर फॉर नॉन-लिनियर डायनेमिक्स और डाल्टन न्यूक्लियर इंस्टीट्यूट का भी उल्लेख करता है।
कौन आवेदन कर सकता है और प्रवेश शर्तें क्या हैं?
मानक शैक्षणिक शर्त किसी सीधे संबंधित विषय में ऊपरी द्वितीय श्रेणी की ऑनर्स डिग्री है, या ऊपरी द्वितीय श्रेणी की ऑनर्स डिग्री के साथ सीधे संबंधित विषय में मेरिट स्तर का मास्टर डिग्री है। विश्वविद्यालय कहता है कि योग्यता और शोध या कार्य अनुभव के अन्य संयोजन भी विचाराधीन हो सकते हैं।
सभी आवेदकों को अंग्रेज़ी भाषा दक्षता दिखानी होगी। प्रकाशित न्यूनतम शर्तों में आईएलटीएस 6.5 समग्र, लेखन और श्रवण में कम से कम 6, तथा अन्य उप-परीक्षाओं में 5.5; टीओईएफएल आईबीटी में कम से कम 4.5 समग्र और कोई उप-स्कोर 4.5 से कम नहीं; या पीटीई में कम से कम 70 समग्र और कोई उप-परीक्षण 59 से कम नहीं शामिल है। विश्वविद्यालय प्री-सैशनल अंग्रेज़ी कोर्स की सफल समाप्ति भी स्वीकार करता है।
शुल्क कितना है?
सितंबर 2027 से शुरू होने वाले अकादमिक वर्ष के लिए शुल्क अध्ययन मोड, फीस स्थिति और प्रोजेक्ट बैंड के अनुसार बदलते हैं। पूर्णकालिक पीएचडी के लिए, यूके शुल्क बैंड बी में £8,100 से बैंड ई में £37,900 प्रति वर्ष तक हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय, जिसमें ईयू शामिल है, शुल्क £31,400 से £63,800 प्रति वर्ष तक हैं।
अंशकालिक पीएचडी के लिए, यूके शुल्क बैंड बी में £4,050 से बैंड ई में £18,950 प्रति वर्ष तक हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय, जिसमें ईयू शामिल है, शुल्क £15,700 से £31,900 प्रति वर्ष तक हैं। विश्वविद्यालय कहता है कि शुल्क पूरी तरह समावेशी हैं और इनके साथ अतिरिक्त बेंच फीस या प्रशासनिक लागत नहीं जुड़ती।
आवेदकों को आगे क्या करना चाहिए?
आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन करने और कार्यक्रम का नाम, प्रोजेक्ट शीर्षक या शोध क्षेत्र, प्रस्तावित सुपरवाइज़र का नाम, वित्तपोषण स्थिति, सहायक वक्तव्य, पूर्व अध्ययन का विवरण और दो संदर्भों के नाम तथा संपर्क विवरण शामिल करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय यह भी कहता है कि आवेदन से पहले विशिष्ट प्रोजेक्ट की पहचान करना, सुपरवाइज़र से संपर्क करना और फंडिंग पात्रता जांचना चाहिए।
आवेदन में या तो विज्ञापित शोध परियोजना या सुपरवाइज़र के साथ विकसित प्रस्तावित परियोजना शामिल की जा सकती है। विश्वविद्यालय यह भी कहता है कि यह कार्यक्रम उन आवेदकों का स्वागत करता है जिनके पास पहले से फंडिंग है और जो अपना स्वयं का शोध प्रोजेक्ट और शीर्षक लाना चाहते हैं।
मैनचेस्टर इस कार्यक्रम को अलग क्यों बताता है?
मैनचेस्टर इस कार्यक्रम को एक बड़े और सक्रिय भौतिकी विभाग, व्यापक शोध आधार और मजबूत स्नातकोत्तर वातावरण का हिस्सा बताता है। विश्वविद्यालय कहता है कि विभाग के पास शिक्षण और शोध में लंबे समय से उत्कृष्टता की परंपरा है, और पर्यवेक्षण में अपने-अपने क्षेत्रों के अग्रणी अकादमिक स्टाफ, साथ में पारस्परिक सहायता और स्थानांतरित होने योग्य कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं।
विश्वविद्यालय सामाजिक ज़िम्मेदारी और सततता पर भी जोर देता है। वह कहता है कि मैनचेस्टर का हर कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देता है, और इस कार्यक्रम में विशेष रूप से लक्ष्य 7, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, शामिल है।

