Erasmus University Rotterdam में महिलाओं के काम के ट्रांसइम्पीरियल इतिहास पर दो फुली फंडेड PhD पद

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Erasmus University Rotterdam 1600 से 1900 के बीच महिलाओं के काम के ट्रांसइम्पीरियल इतिहास पर एक फुली फंडेड परियोजना के लिए दो PhD उम्मीदवारों की भर्ती कर रहा है। यह पद Erasmus School of History, Culture and Communication में हैं और Dr. Natália da Silva Perez के नेतृत्व वाली सहयोगी शोध टीम का हिस्सा हैं। काम Rotterdam, Netherlands में आर्काइव-आधारित इतिहास और डिजिटल तथा कम्प्यूटेशनल विधियों को जोड़ेगा।

मुख्य तथ्य

  • परियोजना के लिए दो PhD उम्मीदवारों की तलाश है।
  • शोध 1600 से 1900 के बीच महिलाओं की मजदूरी और श्रम पर यूरोपीय औपनिवेशिक विस्तार के प्रभावों को देखता है।
  • उम्मीदवारों को एक केस चुनना होगा: Pernambuco या Atlantic Africa, जिसमें Senegambia, the Gold Coast या Angola शामिल हो सकते हैं।
  • परियोजना में archival research के साथ handwritten text recognition, multilingual datasets, natural language processing, statistical analysis और qualitative history शामिल हैं।
  • नियुक्ति में प्रतिस्पर्धी मासिक वेतन, रोजगार लाभ, शोध अनुभव, teaching exposure और Rotterdam में अंतरराष्ट्रीय academic setting शामिल है।

PhD आवेदकों के लिए इसका क्या मतलब है?

आवेदकों के लिए यह एक funded doctoral post है जो history, gender studies, colonial studies और digital humanities के बीच काम करता है। चुने गए उम्मीदवार केवल अपना dissertation research नहीं करेंगे, बल्कि shared datasets, archival work, conference presentations, publishing और teaching में भी योगदान देंगे।

आवेदन के लिए research master’s degree या शुरुआत की तारीख तक पूरा होने वाला कोई अन्य प्रासंगिक master’s degree, मजबूत English, और चुने गए केस से जुड़ी कम से कम एक अतिरिक्त भाषा चाहिए। Pernambuco के लिए Portuguese, Dutch या Spanish उपयुक्त हैं। Atlantic Africa के लिए Portuguese, Dutch, French, English या Danish प्रासंगिक भाषाएँ मानी गई हैं। आवेदकों को दो archives बताने होंगे जिन्हें वे देखना चाहते हैं और यह समझाना होगा कि वे शोध के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।

  • Research focus: महिलाओं का काम, gendered labour और colonial/transimperial history.
  • Method mix: archival research, Transkribus, digital humanities और computational analysis.
  • Project cases: Pernambuco या Atlantic Africa.
  • Academic output: article-based dissertation और journal publications.

PhD उम्मीदवार क्या अध्ययन करेंगे?

परियोजना यह पूछती है कि महिलाओं के वास्तविक कामकाज dominant ideas about gendered labour से कितना मेल खाता था या उनसे कितना अलग था। इसमें घरेलू, कृषि, वाणिज्यिक, आर्थिक और सामाजिक श्रम, तथा colonial rule, race, class, slavery, migration, family structures, religion, law और culture के असर को देखा जाएगा।

यह शोध colonial societies को अलग-अलग इकाइयों की तरह नहीं देखता। इसके बजाय transimperial lens अपनाया गया है, यानी European metropolitan centres और Africa, the Americas तथा अन्य colonial settings के बीच विचारों, संस्थाओं, texts और लोगों की आवाजाही को ट्रेस किया जाएगा।

शोध कैसे किया जाएगा?

चुने गए शोधकर्ता handwritten और printed sources, correspondence और administrative records का उपयोग करके multilingual historical datasets बनाने और उन्हें व्यवस्थित करने में मदद करेंगे। वे कई भाषाओं में archival documents पर काम करेंगे और handwritten सामग्री को transcribe करने में Transkribus का उपयोग करेंगे, जबकि परिणामों की manual checking और correction भी करेंगे।

परियोजना में qualitative historical analysis की भी अपेक्षा है और इसमें interpretivist approaches, social reproduction theory, intersectionality, corpus-based text analysis तथा statistical methods शामिल हो सकते हैं। डॉक्टोरल काम का लक्ष्य historical expertise के साथ तकनीकी कौशल भी विकसित करना है।

उम्मीदवार को कौन-सा केस चुनना चाहिए?

आवेदकों को दो ऐतिहासिक मामलों में से एक पर ध्यान केंद्रित करना होगा। Pernambuco एक Brazilian colonial setting प्रदान करता है, जहाँ महिलाओं के काम, labour systems और European centres से जुड़ाव पर शोध किया जा सकता है। Atlantic Africa में Senegambia, the Gold Coast और Angola जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं, जहाँ African और Atlantic worlds के बीच archival work किया जाएगा।

दोनों ट्रैकों के लिए भाषा की तैयारी महत्वपूर्ण है। परियोजना कहती है कि कम-से-कम एक प्रासंगिक archival language का मजबूत ज्ञान आवश्यक है, और अतिरिक्त भाषाएँ विकसित करने की इच्छा को सकारात्मक माना जाएगा। अन्य प्रासंगिक भाषाओं का कार्य-ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को लाभ हो सकता है।

यह परियोजना अकादमिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?

यह परियोजना women’s history, labour history, African history, Atlantic history और colonial history को digital humanities methods के साथ जोड़ती है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि महिलाओं के काम के ऐतिहासिक अनुभव power, empire और असमान सामाजिक hierarchies से कैसे प्रभावित हुए, साथ ही शुरुआती करियर शोधकर्ताओं को archival और computational research का प्रशिक्षण देना है।

डॉक्टोरल उम्मीदवारों के लिए यह पद केवल dissertation work तक सीमित नहीं है। इसमें research collaboration, article-based thesis format, conference participation, publication opportunities और History Department में teaching शामिल है। इसलिए यह स्थिति उन आवेदकों के लिए भी उपयोगी है जो academic career या digital history expertise बनाना चाहते हैं।

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